शाहाबाद पुलिस दे रही: दबंग हमलावरों को संरक्षण
शाहाबाद पुलिस दे रही: दबंग हमलावरों को संरक्षण
शाहाबाद। देश का चौथा स्तंभ कह जाने वाले पत्रकारों को पुलिस कर प्रताड़ित गुण्डो को दे रही संरक्षण एक तरफ देश की सर्वोच्च न्यायालय का कहना है कि पत्रकार भीड़ का हिस्सा नहीं है। उसकी सुरक्षा करना सरकार का दायित्व है। वही दूसरी तरफ प्रदेश पुलिस के मुखिया पुलिस महानिदेशक ने भी पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर समय-समय पर अपने अधीनस्थों को पत्रकारों की सुरक्षा संरक्षा को लेकर दिशा निर्देश जारी किए गए। इसके बावजूद शाहाबाद के कोतवाल प्रभारी संतप्रसाद उपाध्याय ने पत्रकार पर हमला करने वालों को खुला संरक्षण प्रदान कर रहे हैं। जिसके चलते हमलावरों के हौसले बुलंद हैं वहीं दूसरी और घटना को लेकर स्थानीय मीडिया में रोष व्याप्त है। उल्लेखनीय है कि पत्रकार दिनेश कुमार मिश्रा की रिश्तेदार रामरानी पत्नी हरिओम तिवारी निवासी ग्राम शिरोमण नगर थाना बेहटा गोकुल ने कुछ समय पूर्व अपना जेवर आभूषण शुभम रस्तोगी पुत्र घनश्याम रस्तोगी निवासी मोहल्ला बाजार शंभा थाना व कस्बा शाहाबाद के यहां गिरवी रखा था। गत 30 अक्टूबर को जब राम रानी अपनी गिरवी छुड़ाने गई तो दुकानदार शुभम ने यह कहकर आभूषण वापस करने से मना कर दिया कि उसकी दुकान पर चोरी हो गई है।परेशान राम रानी ने जब अपने रिश्तेदार पत्रकार दिनेश कुमार मिश्रा मोहल्ला बाजार शंभा को आपबीती बताई तो पत्रकार ने कहा कि हमारे ही पड़ोस का मामला है। रिश्तेदार की परेशानी देखकर पत्रकार दिनेश मिश्रा जब शुभम रस्तोगी की नगर के चौक स्थित दुकान पर गए गिरवी वापस करने को कहा जिस पर शुभम रस्तोगी उग्र हो गया तथा अपने घर से पिता घनश्याम संजीव, राजीव तथा नवीन पुत्रगण नवल किशोर रस्तोगी को बुला लाया सभी ने एक राय होकर पत्रकार पर बीच बाजार हमला कर दिया तथा धमकी दी कि वह उन्हें फर्जी मुकदमे में फंसा देंगा साथ ही कहा पैसे में बहुत दम होती है। बताया जाता है कि उक्त सर्राफा व्यवसाई बिना लाइसेंस के ही गिरवी गांठ का कार्य करता है जो अक्सर भोले भाले लोगों की गिरवी हजम करने के लिए चोरी आदि का बहाना बना देता है। पीड़ित पत्रकार ने जब कोतवाली प्रभारी से मिलकर मामले की जानकारी दी तब प्रभारी निरीक्षक एसपी उपाध्याय, सरदारगंज चौकी इंजार्ज अनिल कुमार सिंह ने दोषियों पर कार्रवाई करने के बजाए पत्रकार के साथ ही कोतवाली मे अशोभनीय व्यवहार किया।पाँच लोगों के नाम तहरीर दिये जाने के बावजूद भी एक पर धारा 151 के तहत चालान कर इति श्री कर ली गयी।यही नही बाकी के नामजद आरोपी स्वयं खाना पीना,नाश्ता पानी, गिफ्ट आदि लेकर कोतवाली के अंदर पुलिस की सरपरस्ती में बेधडक आते जाते देखे गये।वही इस पुलिस रवैया को लेकर पत्रकारों में रोष हरदोई: जी एस टी और सी एस टी के नाम पर उपभोक्ताओं से ठगी करते व्यापारी
शाहाबाद।इन दिनों इलेक्ट्रॉनिक सामानों का कारोबार करने वाले व्यापारी अन्धी कमाई के चक्कर में जी एस टी व सी एस टी के नाम पर ग्राहकों को खूब ठग रहे हैं।और मोदी का समर्थन भी वो अंधभक्त व्यापारी ही कर रहे हैं।जो काले धंधे की आड़ में काली कमाई कर रहे हैं।फर्जी बिलों से बिलिंग करते हैं।ज्यादातर व्यापार कैश में लेन देन करना चाहते हैं।ज्यादातर व्यापारी डुप्लीकेट उत्पाद को बाजार में बेचते हैं।उत्पाद में भी घपले करते हैं।
ज्यादातर व्यापारी टैक्स चोरी करते हैं।अपने उपभोक्ताओं को ठगते हैं।
अपने स्वार्थों की पूर्ति के लिए ठगी, बेईमानी, धोखे और फरेब के हर हथकंडे अपनाते हैं।
नगर के बस स्टैंड,स्टेशन रोड, सिनेमा रोड, बड़ी बाजार,सदर बाजार,ज्ञान मार्केट, डल्ला वाली गली ,शम्भा बाजार,चौक,वासित नगर रोड,शाहजहांपुर रोड, पाली रोड, अल्हापुर,निहालगंज,समेत अनेक इलाकों में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की बिक्री की धूम मची हुई है।भीषण गर्मी के कारण ए सी, फ्रिज, कूलर, पंखों के अलावा विभिन्न प्रकार की बिलासिता से जुड़ी चीजों की बिक्री बढ़ी है।इस प्रकार का कारोबार करने वाले व्यापारियों ने बाकायदा अपना पंजीयन भी भी करा रखा है।परंतु उपभोक्ताओं को ठगने वाले इन व्यापारियों पर उप वाणिज्य आयुक्त,उप श्रम आयुक्त के अलावा आयकर विभाग की भी मेहरबानी है।यही कारण है कि एक भी उपकरण की बिक्री पर मुनाफाखोर व्यापारी को मचलते देखा जा सकता है।विद्युत उपखंड अधिकारी भी इन दुकानदारों का कभी निरीक्षण तक नहीं करते।
कहने को राज्य सरकार ने भले ही सतर्कता अधिष्ठान,भ्रष्टाचार निवारण संगठन,विजिलेंस दफ्तर आदि बना रखे हों परंतु इन मुनाफाखोर व्यापारियों पर अंकुश लगाने में विफल है।जिला एवं स्थानीय प्रशासन भी किंकर्तव्यविमूढ़ बना हुआ है।फलस्वरूप शाहाबाद में ही नहीं ,पूरे जनपद में उपभोक्ताओं को भ्रष्ट ,नाकार, अवैध कारोबारियों द्वारा ठगा जा रहा है।केंद्र सरकार का जागो ग्राहक जागो अभियान भी टी वी पर आने वाले विज्ञापन तक ही सीमित रह गया है।आज इन निरंकुश व्यापारियों पर भरपूर अंकुश की जरूरत है।
सम्पादक: डीपी सिंह चौहान: खोज जारी है न्यूज चैनल/ हिन्दी दैनिक समाचार पत्र/ की खास खबर:
शाहाबाद। देश का चौथा स्तंभ कह जाने वाले पत्रकारों को पुलिस कर प्रताड़ित गुण्डो को दे रही संरक्षण एक तरफ देश की सर्वोच्च न्यायालय का कहना है कि पत्रकार भीड़ का हिस्सा नहीं है। उसकी सुरक्षा करना सरकार का दायित्व है। वही दूसरी तरफ प्रदेश पुलिस के मुखिया पुलिस महानिदेशक ने भी पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर समय-समय पर अपने अधीनस्थों को पत्रकारों की सुरक्षा संरक्षा को लेकर दिशा निर्देश जारी किए गए। इसके बावजूद शाहाबाद के कोतवाल प्रभारी संतप्रसाद उपाध्याय ने पत्रकार पर हमला करने वालों को खुला संरक्षण प्रदान कर रहे हैं। जिसके चलते हमलावरों के हौसले बुलंद हैं वहीं दूसरी और घटना को लेकर स्थानीय मीडिया में रोष व्याप्त है। उल्लेखनीय है कि पत्रकार दिनेश कुमार मिश्रा की रिश्तेदार रामरानी पत्नी हरिओम तिवारी निवासी ग्राम शिरोमण नगर थाना बेहटा गोकुल ने कुछ समय पूर्व अपना जेवर आभूषण शुभम रस्तोगी पुत्र घनश्याम रस्तोगी निवासी मोहल्ला बाजार शंभा थाना व कस्बा शाहाबाद के यहां गिरवी रखा था। गत 30 अक्टूबर को जब राम रानी अपनी गिरवी छुड़ाने गई तो दुकानदार शुभम ने यह कहकर आभूषण वापस करने से मना कर दिया कि उसकी दुकान पर चोरी हो गई है।परेशान राम रानी ने जब अपने रिश्तेदार पत्रकार दिनेश कुमार मिश्रा मोहल्ला बाजार शंभा को आपबीती बताई तो पत्रकार ने कहा कि हमारे ही पड़ोस का मामला है। रिश्तेदार की परेशानी देखकर पत्रकार दिनेश मिश्रा जब शुभम रस्तोगी की नगर के चौक स्थित दुकान पर गए गिरवी वापस करने को कहा जिस पर शुभम रस्तोगी उग्र हो गया तथा अपने घर से पिता घनश्याम संजीव, राजीव तथा नवीन पुत्रगण नवल किशोर रस्तोगी को बुला लाया सभी ने एक राय होकर पत्रकार पर बीच बाजार हमला कर दिया तथा धमकी दी कि वह उन्हें फर्जी मुकदमे में फंसा देंगा साथ ही कहा पैसे में बहुत दम होती है। बताया जाता है कि उक्त सर्राफा व्यवसाई बिना लाइसेंस के ही गिरवी गांठ का कार्य करता है जो अक्सर भोले भाले लोगों की गिरवी हजम करने के लिए चोरी आदि का बहाना बना देता है। पीड़ित पत्रकार ने जब कोतवाली प्रभारी से मिलकर मामले की जानकारी दी तब प्रभारी निरीक्षक एसपी उपाध्याय, सरदारगंज चौकी इंजार्ज अनिल कुमार सिंह ने दोषियों पर कार्रवाई करने के बजाए पत्रकार के साथ ही कोतवाली मे अशोभनीय व्यवहार किया।पाँच लोगों के नाम तहरीर दिये जाने के बावजूद भी एक पर धारा 151 के तहत चालान कर इति श्री कर ली गयी।यही नही बाकी के नामजद आरोपी स्वयं खाना पीना,नाश्ता पानी, गिफ्ट आदि लेकर कोतवाली के अंदर पुलिस की सरपरस्ती में बेधडक आते जाते देखे गये।वही इस पुलिस रवैया को लेकर पत्रकारों में रोष हरदोई: जी एस टी और सी एस टी के नाम पर उपभोक्ताओं से ठगी करते व्यापारी
शाहाबाद।इन दिनों इलेक्ट्रॉनिक सामानों का कारोबार करने वाले व्यापारी अन्धी कमाई के चक्कर में जी एस टी व सी एस टी के नाम पर ग्राहकों को खूब ठग रहे हैं।और मोदी का समर्थन भी वो अंधभक्त व्यापारी ही कर रहे हैं।जो काले धंधे की आड़ में काली कमाई कर रहे हैं।फर्जी बिलों से बिलिंग करते हैं।ज्यादातर व्यापार कैश में लेन देन करना चाहते हैं।ज्यादातर व्यापारी डुप्लीकेट उत्पाद को बाजार में बेचते हैं।उत्पाद में भी घपले करते हैं।
ज्यादातर व्यापारी टैक्स चोरी करते हैं।अपने उपभोक्ताओं को ठगते हैं।
अपने स्वार्थों की पूर्ति के लिए ठगी, बेईमानी, धोखे और फरेब के हर हथकंडे अपनाते हैं।
नगर के बस स्टैंड,स्टेशन रोड, सिनेमा रोड, बड़ी बाजार,सदर बाजार,ज्ञान मार्केट, डल्ला वाली गली ,शम्भा बाजार,चौक,वासित नगर रोड,शाहजहांपुर रोड, पाली रोड, अल्हापुर,निहालगंज,समेत अनेक इलाकों में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की बिक्री की धूम मची हुई है।भीषण गर्मी के कारण ए सी, फ्रिज, कूलर, पंखों के अलावा विभिन्न प्रकार की बिलासिता से जुड़ी चीजों की बिक्री बढ़ी है।इस प्रकार का कारोबार करने वाले व्यापारियों ने बाकायदा अपना पंजीयन भी भी करा रखा है।परंतु उपभोक्ताओं को ठगने वाले इन व्यापारियों पर उप वाणिज्य आयुक्त,उप श्रम आयुक्त के अलावा आयकर विभाग की भी मेहरबानी है।यही कारण है कि एक भी उपकरण की बिक्री पर मुनाफाखोर व्यापारी को मचलते देखा जा सकता है।विद्युत उपखंड अधिकारी भी इन दुकानदारों का कभी निरीक्षण तक नहीं करते।
कहने को राज्य सरकार ने भले ही सतर्कता अधिष्ठान,भ्रष्टाचार निवारण संगठन,विजिलेंस दफ्तर आदि बना रखे हों परंतु इन मुनाफाखोर व्यापारियों पर अंकुश लगाने में विफल है।जिला एवं स्थानीय प्रशासन भी किंकर्तव्यविमूढ़ बना हुआ है।फलस्वरूप शाहाबाद में ही नहीं ,पूरे जनपद में उपभोक्ताओं को भ्रष्ट ,नाकार, अवैध कारोबारियों द्वारा ठगा जा रहा है।केंद्र सरकार का जागो ग्राहक जागो अभियान भी टी वी पर आने वाले विज्ञापन तक ही सीमित रह गया है।आज इन निरंकुश व्यापारियों पर भरपूर अंकुश की जरूरत है।
सम्पादक: डीपी सिंह चौहान: खोज जारी है न्यूज चैनल/ हिन्दी दैनिक समाचार पत्र/ की खास खबर:
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