#हरदोई:- शाहाबाद- नगर पालिका की लापरवाही से नही शुरू हो सका एमआरएफ सेंटर, कूड़ा करकट नष्ट करने के लिये निर्मित हुआ था एमआरएफ केंद्र#
#हरदोई:- शाहाबाद- नगर पालिका की लापरवाही से नही शुरू हो सका एमआरएफ सेंटर, कूड़ा करकट नष्ट करने के लिये निर्मित हुआ था एमआरएफ केंद्र#
#हरदोई: शाहाबाद- स्वच्छ भारत मिशन अभियान को दीर्घकालिक बनाने के लिये केंद्र सरकार ने लगभग हर नगर पालिका में एसआरएफ केंद्र स्थापित किये गए थे।ताकि नगर कूड़ा करकट को एक स्थान पर ले जाकर नष्ट किया जा सके।जिससे सफाई अभियान को गति मिलती रहे।बात नगर पालिका शाहाबाद की हैं जहां पर स्लाटर हाउस के पास एमआरएफ केंद्र का निर्माण किया गया था।जो अभी तक संचालित नही हो सका।जिसके चलते नगर में गन्दगी का आलम किसी से छिपा नही है। कूड़ा निस्तारण के लिए लाखों रुपए खर्च कर नगरपालिका द्वारा कस्बे में बनाया गया एमआरएफ सेंटर पालिका प्रशासन की लापरवाही की भेंट चढ़ गया है। एमआरएफ सेंटर के आसपास गंदगी और कूड़े का ढेर लगा हुआ है,जिससे बीमारियों का खतरा लोगों के सर पर मंडरा रहा है। लाखों की लागत से बना एमआरएफ सेंटर ने तो रफ्तार नहीं पकड़ी,लेकिन उससे पहले ही एमआरएफ सेंटर में पड़ी इंटरलॉकिंग जरूर धसने लगी है।स्लाटर हॉउस के पास एमआरएफ सेंटर का निर्माण कराया गया है। जब यह सेंटर बन रहा था तब लोगों को उम्मीद थी। हमारे आस पड़ोस की गंदगी दूर होगी और हमें स्वच्छ और सुंदर नगर मिलेगा,लेकिन विभागीय लापरवाही के चलते यह सेंटर शुरू नहीं हो सका।आलम यह है कि सेंटर के आसपास ही गंदगी और अव्यवस्था का अंबार है।हैरान कर देने वाली बात यह है कि कूड़े के निस्तारण के बजाय कस्बे से निकलने बाला कूड़ा-कचरा मुख्य सड़कों के किनारे खुलेआम फेंका जा रहा है। जिसके कारण से बीमारियों के खतरे के साथ साथ यही कूड़ा-कचरा प्रदूषण उगल रहा है। बताया जा रहा है कि एमआरएफ सेंटर लगभग पूर्ण रूप से बनकर तैयार तो हुआ,उसके साथ ही इसमें पड़ी इंटरलॉकिंग धसने लगी जो पालिका के विभागीय अधिकारीयों के भ्रष्टाचार को भी दर्शाती नजर आ रही है। ज़ब इस बाबत ईओ राम रतन अम्बेश से जानकारी की गई तो उन्होंने कुछ भी बताने से इंकार कर दिया।कि वह इसके लिए नही बैठे हैं#

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