#हरदोई:- माधोगंज- जिन्दा महिला अखिलेखों में हुई मृत घोषित, न्याय की लगा रही गुहार, मृतक आश्रित नौकरी का लाभ ले रहा परिवार का युवक#
#हरदोई:- माधोगंज- जिन्दा महिला अखिलेखों में हुई मृत घोषित, न्याय की लगा रही गुहार, मृतक आश्रित नौकरी का लाभ ले रहा परिवार का युवक#
#हरदोई: माधोगंज- विकास खण्ड के ग्राम सदरपुर निवासी मृतक मुन्नीलाल की पत्नी किरन देवी को परिवार रजिस्टर में मृत घोषित कर दिया गया। महिला का दावा है कि उसके पास राशनकार्ड, वोटर कार्ड, आधार कार्ड से लेकर बैंक पासबुक है जिसमें पति का नाम दिया है। पति से एक पुत्री है जो कि मायके हेरवल कोतवाली मल्लावां में साथ रह रही है। फिर भी परिवार के सदस्यों ने मिलकर उसे ब्लॉक के परिवार रजिस्टर में मृत घोषित करवाकर अवैध रूप से मृतक कोटे का लाभ लेकर एक युवक को नौकरी लगवा दी है। महिला का कहना है कि जो युवक पति के स्थान पर नौकरी कर रहा है वह उसका पुत्र नही है। महिला किरन देवी व उसकी बेटी न्याय के लिए दर-दर की ठोकरें खा रही हैं। पीड़िता कई बार शासन-प्रशासन को लिखित रूप से मृतक आश्रित कोटे का लाभ उसे दिलाए जाने की गुहार लगा चुकी है। जिसमें परिवार रजिस्टर की नकल मांगी जाने की बात बताई जा रही है। कई बार ब्लॉक मुख्यालय पहुंचकर परिवार रजिस्टर नकल मांगी तो उसे बरगला दिया जाता रहा है। परिवार रजिस्टर में महिला एक दशक पूर्व मृत घोषित हो चुकी है। महिला का दावा है कि उसके पति ब्लॉक के गांव खेमीपुर स्थित इण्टर कॉलेज में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की नौकरी कर रहे थे जिसकी 16 फरवरी 2011 को मौत हो चुकी है। मृतक आश्रित में उसे नौकरी मिलनी थी। महिला के पास खुद को मृतक मुन्नीलाल की पत्नी साबित करने के पर्याप्त दस्तावेज मौजूद हैं। वहीं जिम्मेदार अधिकारियों की माने तो उन्हें गांव के लोगों ने बताया है कि किरन देवी मृतक मुन्नीलाल की दूसरी पत्नी है। बीडीओ संजय कुमार दोहरे ने बताया कि महिला का दावा सही है या फिर गलत है इसका फैसला गांव में खुली बैठक करवाकर लोगों से पूछताछ के बाद पता चलेगा। ग्रामीणों के साथ बैठक को लेकर ग्राम पंचायत अधिकारी धर्मेन्द्र पाण्डेय को निर्देशित किया जा चुका है। महिला ने यह भी बताया कि पछले एक दशक से लगातार न्याय पाने के लिए अधिकारियों के चक्कर काट रही है फिर भी कोई सुनवाई नही हुई है#

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