#हरदोई:- पिहानी- शिया मुस्लिम धर्म गुरुओं ने मनाया हजरत अली का जन्मदिन, साथ ही उनके बताए रास्ते पर चलने की अपील की#
#हरदोई:- पिहानी- शिया मुस्लिम धर्म गुरुओं ने मनाया हजरत अली का जन्मदिन, साथ ही उनके बताए रास्ते पर चलने की अपील की#
#हरदोई: पिहानी- के नगर पिहानी मे शिया मुस्लिम समुदाय के लोगों द्वारा हजरत अली का जन्मदिन हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। साथ ही उनके बताए रास्ते पर चलने की अपील की जा रही है। आपस में एक होने का पैगाम दिया गया है।मीशम मिर्जा, रज्जन रिजवी, सैफ जैदी, मोहसिन जमीर जैदी, कौशर मियां, अली तैयय्ब सहित घर-घर शिया समुदाय के लोगों ने हजरत अली के जन्मदिन मना रहे है। जिसमें पिहानी कस्बे के मोहल्ला लोहानी में की मस्जिद पंचतनी मे महफिल का आयोजन किया गया। जिसमें मौलाना फरमान, मौलाना सैयदुल, मौलाना वजीहुल, आदि शिया धर्म गुरुओं ने हजरत अली के जीवन पर विस्तारपूर्वक प्रकाश डालते हुए बताया कि हजरत अली का जन्म मक्का में हुआ था। वह शिया मुस्लिम समुदाय के पहले इमाम थे। हजरत अली ने लोगों को दुश्मनों से भी प्रेम करने की सलाह दी थी। उनका मनाना था जो आज तुम्हारा दुश्मन है वह एक न एक दिन तुम्हारा दोस्त जरूर बन जाएगा, इसलिए किसी से भी भेदभाव और मनमुटाव नहीं रखना चाहिए। मौलाना ने हजरत अली के पांच खास संदेश सुनाते हुए कहा कि व्यक्ति को हमेशा सोच समझकर बोलना चाहिए, बोलने से पहले शब्द आपके गुलाम होते हैं लेकिन बोलने के बाद आप लफ्जों के गुलाम बन जाते हैं। हजरत अली भीख मांगने के सख्त खिलाफ थे। उनका मनाना था कि भीख मांगने से बदतर कोई और चीज नहीं होती। उन्होंने ने आगे बताया कि अपनी सोच को पानी की बूंदों से भी ज्यादा साफ रखो, क्योंकि जिस तरह बूंदों से दरिया बनता है उसी तरह सोच से ईमान बनता है। धर्म गुरुओं ने कहा कि हजरत अली किसी की चुगली के भी खिलाफ थे। उनका मनाना था कि चुगली करना उसका काम होता है, जो अपने आपको बेहतर बनाने में असमर्थ होता है। हमेशा समझौता करना सीखना चाहिए, क्योंकि थोड़ा सा झुक जाना किसी रिश्ते का हमेशा के लिए टूट जाने से बेहतर है#

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