#हरदोई:- डॉ. आर. सी .करुणाकर को केरल में मिला "साहित्य भूषण" एवं "शिक्षक श्री" सम्मान#
#हरदोई:- डॉ. आर. सी .करुणाकर को केरल में मिला "साहित्य भूषण" एवं "शिक्षक श्री" सम्मान#
#हरदोई: निवासी डॉ.आर.सी. करुणाकर को केरल में दुनिया के सबसे बड़े बौद्ध धर्म ग्रंथ धम्म पद के लिखने के लिए केरल के राज भवन में केरल के राज्यपाल महामहिम मोहम्मद आरिफ खान के द्वारा साहित्य भूषण एवं शिक्षक श्री सम्मान से सम्मानित किया गया है। श्री करुणाकर को देश से 3 और विदेश से अनेक पुरस्कार प्राप्त हो चुके हैं, और उन्होंने 13 किताबों का लेखन कार्य किया है।आपने एक सबसे बड़ी पुस्तक लिखी है जिसका वजन तीन कुंतल है और उसे इंटरनेशनल बुक आप वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज किया गया है। इसके लिए श्री करुणाकर को कई सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। डॉ . आर सी करुणाकर हरदोई जिले के विकासखंड सांडी क्षेत्र के ग्राम जजवासी के निवासी हैं और उन्होंने उच्च शिक्षा प्राप्त की है। एम ए, बी एड, पीएचडी और डी लिट की उपाधि उन्होंने प्राप्त की है। यही नहीं शिक्षा क्षेत्र में उनका बहुत बड़ा योगदान है और असहाय और निर्बल बच्चों के लिए " स्कूल चलो, शिक्षित बनो "अभियान चलाकर अब तक लगभग 5000 बच्चों को शिक्षा से जोड़ते हुए उन्हें उच्च शिक्षा तक ले जा चुके हैं।घर-घर जाकर शिक्षा के लिए बच्चों के अभिभावकों को प्रेरित करना और बच्चों को शिक्षा का महत्व बताकर उनकी हर संभव सहायता करना डॉक्टर करुणा करके अभियान में शामिल है।दूर दराज क्षेत्रों में जा जाकर लोगों को शिक्षा के लिए प्रेरित करते रहने और पिछले 10 वर्षों से लेकर आज तक अपने कक्षा एक से लेकर हायर एजुकेशन तक में लगभग 5000 बच्चों को शिक्षित बनाने के लिए शिक्षा क्षेत्र में उनका विशेष योगदान है। शिक्षा क्षेत्र में इसी योगदान के लिए उन्हें बीते 4 जनवरी को केरल के राज भवन में सम्मानित किया गया है। इस अवसर पर उनके साथ बेसिक एजुकेशन मूवमेंट ऑफ़ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ.राजेश शर्मा, डॉ.सुशील हंस डॉ. धनीराम बौद्ध डॉ.महेश प्रसाद एवं देश के कई शिक्षक एवं शिक्षाविद मौजूद रहे#

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