#हरदोई:- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने मनाया विजया दशमी पर्व उत्सव-100 वर्ष पूरे होने पर पर सरकार नें डाक टिकट व सिक्का जारी कर किया सम्मानित#
#हरदोई:- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने मनाया विजया दशमी पर्व उत्सव-100 वर्ष पूरे होने पर पर सरकार नें डाक टिकट व सिक्का जारी कर किया सम्मानित#
#हरदोई: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने विजयादशमी उत्सव बड़े धूमधाम से मनाया। उत्सव का आरम्भ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रथम सरसंघचालक केशवराव बलिराम हेडगेवार व द्वितीय सरसंघचालक माधव सदाशिवराव गोलवरकर के चित्रों पर माल्यार्पण के साथ हुआ। तत्पश्चात शस्त्र पूजन के रूप में स्वयंसेवको ने दंडपूजन किया। इस अवसर पर उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र संघचालक माननीय कृष्णमोहन ने कहा कि आज राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूर्ण हो रहे हैँ और भारत सरकार ने भी संघ के सेवा कार्यों के वैभवपूर्ण 100 वर्षो को डाक टिकट और सौ रूपये का सिक्का जारी करके सम्मानित किया है#
#उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के इतिहास पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आजादी से पहले देश मे मुगलों के क्रूर व अंग्रेजों के दमनकारी शासन के फलस्वरूप अव्यवस्था फैली हुयी थी। सामाजिक अस्थिरता अपने चरम पर थी। हिन्दू समाज अपनी संस्कृति भूल कर अपना स्वाभिमान खो रहा था। ऐसे में आज से सौ वर्ष पहले, एक युवा डॉक्टर केशवराव बलिराम हेडगेवार ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का एक नन्हा सा पौधा रोपा जिसने आज वटवृक्ष का रूप धारण कर लिया है#
#उन्होंने आगे कहा कि संघ पर कई प्रतिबन्ध लगे। आजादी के तुरंत बाद गाँधी जी की हत्या संघ को गलत तरीके से जिम्मदार ठहरा कर प्रतिबन्ध लगा दिया। जो सन 1949 में ही हट गया। संघ ने भारतीय संविधान के प्रति पूर्ण रूप से आस्था दिखाई। उसके बाद अपनी राजनैतिक चेतना का परिचय देते हुए संघ आपातकाल के विरोध में जन आन्दोलन में शामिल हुआ, जिसमे हज़ारो लाखों स्वयंसेवकों ने अपनी गिरफ्तारियां दीं। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ व्यक्ति निर्माण से राष्ट्र निर्माण के कार्य में अनवरत लगा हुआ है। देश हो नहीं विदेशों में भी हिन्दू स्वयंसेवक संघ के नाम से शाखाएं हैं। संघ के स्वयंसेवक समाज के विभिन्न क्षेत्रों में संघ के लक्ष्य प्राप्त हेतु विभिन्न आनुषंगिक संगठन के माध्यम से जैसे भारतीय जनता पार्टी ,विश्व हिन्दू परिषद्, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् भारतीय मजदूर संघ, वनवासी कल्याण आश्रम, भारतीय शिक्षण मंडल आदि द्वारा प्रयास रत है#
#100 वर्ष पूर्ण हुए लेकिन ऐसा नहीं है कि संघ का कार्य समाप्त हो गया। उन्होंने युवकों का आव्हान करते हुए कहा कि आज हमें पञ्च संकल्प लेने हैं और जिन्हें समाज तक पहुंचाना हमारा लक्ष्य है। पहला कुटुंब प्रबोधन जिसमें आजकल के एकल परिवारों को आपस में मिलजुल कर प्रेम से संयुक्त परिवार में रहने का आग्रह करें। दूसरा पर्यावरण और जल संरक्षण। तीसरा सामाजिक समरसता, हिन्दू समाज जाति व्यवस्था से परे रहकर समरस रहे, चौथा नागरिक अनुशासन जिससे हम स्वयं अनुशासित हो और समाज में भी नागरिक अनुशासन के प्रति जागरूक करें और पांचवा स्व की भावना, जिसके अंतर्गत स्वदेश, स्वदेशी की भावना पर बल देना है#
#इस अवसर पर मुख्य अतिथि सूबेदार मेजर सरदार वैशाखा सिंह ने कहा, आरएसएस एक अनुशासन राष्ट्रभक्ति और सेवा का प्रतीक है। समाज में एकता संस्कृति संरक्षण और चरित्र निर्माण पर बल देता है। देश के सैनिकों कि भांति स्वयंसेवक निस्वार्थ भाव से समाज सेवा करते हुए देश को सशक्त और संगठित बनाने का संकल्प निभाते हैं। इसके बाद सभी स्वयंसेवकों ने मुख्य मार्गो से होते हुए पथ संचलन निकाला। नगर में जगह जगह जन समूहों ने पुष्प वर्षा कर जय घोषों से स्वयंसेवकों का सम्मान बढ़ाया। नगर कार्यवाह विनय ने बताया, शताब्दी वर्ष में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पूरे देश में पूरे वर्ष भर कार्यक्रम करेगा। इस अवसर पर नगर संघ चालक मिथिलेश, जिला प्रचारक अनिल, जिला कार्यवाह सचिन, सह नगर संघ चालक देवेंद्र, जिला प्रचार प्रमुख प्रभाकर गुप्ता, सह प्रचार प्रमुख आकाश, विजय बहादुर सिंह, विनोद सिंह, सुरेश अग्निहोत्री, गौरव भदौरिया सहित सैकडों स्वयंसेवक मौजूद रहे#
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#हरदोई: लटेनी गांव खेमकर के सुपुत्र हाईकोर्ट के जस्टिस बनकर क्षेत्र का नाम किया रोशन क्षेत्रीय लोगों में खुशी का माहौल#
#दरअसल हरदोई जनपद के मझिला थाना क्षेत्र के गांव लटेनी निवासी जस्टिस खेमकरन (से0नि0 जज उच्च न्यायालय लखनऊ पीठ) के छोटे बेटे जस्टिस संजीव कुमार बने इलाहाबाद हाई कोर्ट की इलाहाबाद पीठ के जज#
#पद एवं गोपनीयता की शपथ ली , अखिल भारतीय संयुक्त अधिवक्ता परिषद भारत परिवार की ओर से बहुत-बहुत बधाई शुभकामनाएं#
#अपने पैतृक गांव लटेनी एक कार्यक्रम में शामिल होने आए थे जस्टिस संजीव#
#दिल्ली: पाकिस्तान- के कब्ज़े वाले कश्मीर (PoK) में बगावत तेज़। हज़ारों लोग सड़कों पर उतरे शाहबाज शरीफ़ सरकार और सेना के अत्याचारों के खिलाफ ज़बरदस्त विरोध। प्रदर्शनकारियों ने 38 मांगें रखीं, पूरी न होने पर आंदोलन उग्र। भीड़ ने नारे लगाए “हुक्मरानों देख लो, हम तुम्हारी मौत हैं, इंक़लाब आएगा।” रैलियों में तोड़फोड़, गाड़ियों में आगज़नी, माहौल तनावपूर्ण। PoK के नेता और स्थानीय लोग खुलकर आज़ादी की मांग कर रहे हैं, विरोध अब बगावत में बदलता नज़र आ रहा है#

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