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#हरदोई:- पान के शौक को लगी जीएसटी की नजर, अब अध‍िक करना पड़ रहा भुगतान#


#हरदोई:- पान के शौक को लगी जीएसटी की नजर, अब अध‍िक करना पड़ रहा भुगतान#

#हरदोई: बीते एक फरवरी से पान मसाला और तंबाकू उत्पादों पर 40% जीएसटी और अतिरिक्त उपकर लागू हो गया है, जिससे शौकीनों के लिए पान का शौक महंगा हो गया। फिलहाल समूचे जनपद में धरातल की बात की जाए तो तमाम लोगों के बीच चाय और पान का र‍िश्‍ता रोटी और बेटी की तरह था लेक‍िन महंगाई की वजह से अब र‍ि‍श्‍ता न‍िभाना महंगा पड़ना शुरू हो गया है। एक फरवरी से पान मसाला और तंबाकू उत्‍पादों की कीमतों में इजाफा होने की वजह से अब पान मसाला के शौकीनों की जेब ढीली होगी। वहीं जानकारों का कहना है कि पुराने स्‍टाक होने की वजह से अभी कीमतों में जीएसटी की मार समझ नहीं आ रही होगी, लेक‍ि‍न जल्‍द ही जेब ढीली होने जा रही है तब, जब एक फरवरी के बाद के उत्‍पाद बाजार में पहुंचेंगे। वैसे समूचे भारत में सिगरेट, पान मसाला और गुटखा सहित तंबाकू उत्पादों पर 40% जीएसटी लागू हो गया है। सिगरेट और अन्य तंबाकू उत्पादों पर अतिरिक्त उत्पाद शुल्क तथा पान मसाला पर स्वास्थ्य उपकर एक फरवरी से प्रभावी कर द‍िए गए हैं। यह जीएसटी की उच्चतम 40 प्रतिशत की दर के अतिरिक्त लगाया जाएगा। ये उपकर और उत्पाद शुल्क उन हानिकारक वस्तुओं पर लागू 28 प्रतिशत जीएसटी और क्षतिपूर्ति उपकर का स्थान लेंगे, जो एक जुलाई 2017 से लागू थे। हालांकि, जीएसटी की नई दरें 22 सितंबर 2025 से लागू हुई थीं, लेकिन हानिकारक वस्तुओं पर नई जीएसटी दरें एक फरवरी से लागू हो चुकी हैं। इसके साथ ही, एक फरवरी से तंबाकू उत्पादों जैसे चबाने वाला तंबाकू, फिल्टर खैनी, जर्दा युक्त सुगंधित तंबाकू और गुटखा के लिए अधिकतम मूल्य आधारित मूल्यांकन की नई व्यवस्था भी शुरू की जाएगी। वैसे अधिकांशतः इनका सेवन करने वालों की माने तो इस नई व्यवस्था का उद्देश्य तंबाकू उत्पादों के सेवन को नियंत्रित करना और स्वास्थ्य पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों को कम करना है। तंबाकू का सेवन स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक है और इसके सेवन से विभिन्न प्रकार की बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। फिलहाल तंबाकू का सेवन न करने वालों की माने तो सरकार का यह कदम तंबाकू उत्पादों की बिक्री को नियंत्रित करने और लोगों को तंबाकू के हानिकारक प्रभावों के प्रति जागरूक करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल तंबाकू उत्पादों की खपत में कमी आएगी, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ने वाले बोझ को भी कम किया जा सकेगा। फिलहाल कुछ पान मसाला दुकानदारों द्वारा उनके शौकीनो की जागरूकता के लिए 1 फरवरी से पूर्व ही दुकानों पर बड़े स्टीकर आगामी रेट को लिखकर लगा दिए गए थे हालांकि उन्हें 1 फरवरी से ही लागू कर दिया गया#

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