#लखनऊ:- महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं, उ0प्र0 लखनऊ से प्राप्त निर्देश के क्रम में प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी- नो स्मोकिंग डे- मनाया गया#
#लखनऊ:- महानिदेशक चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं, उ0प्र0 लखनऊ से प्राप्त निर्देश के क्रम में प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी- नो स्मोकिंग डे- मनाया गया#
#लखनऊ: इस अवसर पर कार्यालय मुख्य चिकित्सा अधिकारी सभागार एवं जनपद के जिला पुरूष चिकित्सालय में हस्ताक्षर अभियान चलाकर तम्बाकू उत्पाद का प्रयोग न करने की शपथ दिलायी गयी#
#नो स्मोकिंग डे- के अवसर पर डा0 भावनाथ पाण्डेय, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, हरदोई द्वारा तम्बाकू नियंत्रण कार्यक्रम के बारे में विस्तार से बताया#
#उन्होनें यह भी बताया कि सिगरेट पीना सेहत के लिए हानिकारक है। स्मोकिंग से फेफड़ो का कैंसर, हार्ट अटैक का खतरा होता है। लेकिन फिर भी इसका नशा बढ़ता ही जा रहा है। हर साल कैंसर से मरने वालों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। धूम्रपान से Cronic Obstructive Pulmonary Diseases (COPD) रोग हो जाता है जिसके कारण होने वाली लगभग 8% मौतें (या 10 में से 8) होती हैं। इसलिए, सिगरेट पीने से पुरुषों और महिलाओं दोनों में मृत्यु का जोखिम बढ़ जाता है#
#धूम्रपान इन सभी बीमारियों का कारण बन सकता है-फेफड़ों का कैंसर, हृदय रोग, सांस की बीमारियां, मधुमेह का खतरा बढ़ जाता है, अंधापन और दृष्टि संबंधी समस्याएं, हड्डियों की कमजोरी, मसूड़ों की बीमारी, पेट में छाले इत्यादि#
#सिगरेट एवं अन्य तम्बाकू उत्पाद अधिनियम 2003 की धारा-4 के बार में भी बताया गया कि सार्वजनिक स्थानों पर तम्बाकू उत्पाद का प्रयोग करना दण्डनीय अपराध है। जिसका उल्लंघन करने पर रू0 200/-तक का जुर्माना किया जा सकता है#
#इस अवसर पर डा0 जीतेन्द्र श्रीवास्तव उप मु0चि0अ0, श्री सुजीत कुमार, डी0पी0एम0, डा0 शिवम् गुप्ता, जिला सलाहकार एन0टी0सी0पी0, शिव कुमार डी0सी0पी0एम0, नीरज गुप्ता एफ0एल0सी0, हिमांशु सिंह, आदि उपस्थित रहे/ मुख्य चिकित्सा अधिकारी#

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