#अमेठी:- और हरदोई के पूर्व जिला समाज कल्याण अधिकारी बर्खास्त#
#अमेठी:- और हरदोई के पूर्व जिला समाज कल्याण अधिकारी बर्खास्त#
#लखनऊ: योगी सरकार ने वित्तीय अनियमितता और घूसखोरी के आरोप में अमेठी के तत्कालीन जिला समाज कल्याण अधिकारी मनोज कुमार शुक्ला को बर्खास्त कर दिया है। वहीं, हरदोई के पूर्व जिला समाज कल्याण अधिकारी हर्ष मवार भी इसी प्रकार के आरोप में नप गए हैं। मनोज शुक्ला पर लिपिक को धमकाकर पत्नी के खाते में 40 हजार रुपये ट्रांसफ कराने का आरोप लगा था। वहीं, टेंडर प्रक्रिया में अनियमितता के आरोप में हर्ष मवार को बर्खास्त किया गया है#
२टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी का मामला: हरदोई के पूर्व समाज कल्याण अधिकारी हर्ष मवार पर टेंडर प्रक्रिया में गड़बड़ी और वित्तीय अनियमितता का आरोप लगा था। आरोपों की जांच के लिए उप निदेशक श्रीनिवास द्विवेदी को जिम्मेदार दी गई। हरदोई में तैनाती के दौरान वित्तीय वर्ष 2017-18 से लेकर वर्ष 2020-21 तक राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय, चठिया धनवार हरदोई में भुगतान मामले की जांच की गई#
#हर्ष मवार पर आरोप था कि वर्ष 2017-18 में भोजन मद, सामग्री संपूर्ति एवं अन्य मदों में मेसर्स यूपी इंडस्ट्रियल कोआपरेटिव सर्वोदय नगर कानपुर, मेसर्स विश्वास इंटरप्राइजेज कानपुर और मेसर्स चौरसिया ट्रेडर्स डिप्टीखेड़ा लखनऊ के संबंधित बिलों का भुगतान बिना सक्षम स्तर की स्वीकृति के बिना किया गया। जांच में सामने आया कि टेंडर और कोटेशन से संबंधित नियमों से बचने के लिए अलग-अलग भुगतान किया गया। कई संस्थाओं को वित्तीय अनियमितता कर भुगतान का मामला भी सामने आया। जांच में आरोपों की पुष्टि होने और यूपीएसस की ओर से 16 फरवरी को बर्खास्तगी की कार्रवाई पर सहमति मिलने के बाद अब सरकार की ओर से आदेश जारी किया गया है#
#प्रधान लिपिक ने की थी शिकायत: अमेठी के तत्कालीन जिला समाज कल्याण अधिकारी कार्यालय में प्रधान लिपिक गोकुल प्रसाद जायसवाल ने अधिकारी के खिलाफ शिकायत की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि 26 दिसंबर 2024 को जिला समाज कल्याण अधिकारी मनोज कुमार शुक्ला ने अपने चैंबर में उन्हें बुलाया। इसके बाद उनका मोबाइल छीन लिया। धमकाकर फोन पे का पासवर्ड लिया। इसके बाद उनके खाते से पत्नी डॉ. अंजू शुक्ला के खाते में 40 हजार रुपये ट्रांसफर करवा दिए। प्रधान लिपिक ने अधिकारी पर अभद्र भाषा के प्रयोग का भी आरोप लगाया। प्रारंभिक जांच में शिकायती पत्र 5 मार्च 2025 और 6 मार्च 2025 में मनोज कुमार शुक्ला पर आरोपों की पुष्टि हुई। इसके बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया#
#जांच में खुला मामला: समाज कल्याण विभाग के संयुक्त निदेशक सुनील कुमार विसेन ने पूरे मामले की जांच की। जांच में अधिकारी की पत्नी के खाते में प्रधान लिपिक के खाते से पैसे जाने का मामला साबित हुआ। इसमें मनोज कुमार शुक्ला ने उधार लेने के बाद पैसे वापस न करने का आरोप लगाया। हालांकि, जांच में उनका झूठ पकड़ा गया। उनके आरोप निराधार पाए गए। इसके बाद यूपीएससी प्रयागराज की ओर से 26 फरवरी को मनोज कुमार शुक्ला पर एक्शन के लिए सहमति दी गई। मामले में उन्हें अब बर्खास्त कर दिया गया है#

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