#हरदोई:- अक्षय तृतीया कल, पूजा-दान और खरीदारी के लिए शुभ दिन#
#अक्षय तृतीया का पावन पर्व हर वर्ष वैशाख शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। हिंदू धर्म में इस दिन का विशेष महत्व माना गया है। मान्यता है कि इस दिन किए गए पूजा-पाठ, जप-तप, दान-पुण्य और शुभ कार्यों का फल कभी समाप्त नहीं होता, इसलिए इसे अक्षय तृतीया कहा जाता है। यह पर्व विशेष रूप से माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने का दिन माना जाता है। श्रद्धालु इस दिन विधि-विधान से पूजा कर सुख, समृद्धि और धन-धान्य की कामना करते हैं#
#साल 2026 में अक्षय तृतीया की तिथि 19 अप्रैल सुबह 10:45 बजे शुरू होगी और 20 अप्रैल सुबह 7:49 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के अनुसार यह पर्व 19 अप्रैल को मनाया जाएगा। अक्षय तृतीया के दिन सोना, चांदी, भूमि, वाहन, घर और अन्य मूल्यवान वस्तुओं की खरीदारी को बेहद शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन खरीदी गई वस्तु में वृद्धि और स्थायी लाभ होता है#
#दान-पुण्य से मिलता है अक्षय फल#
#इस दिन अन्न, जल, वस्त्र, गौ सेवा, गरीबों की सहायता और धार्मिक कार्यों में दान देने का विशेष महत्व है। कहा जाता है कि इस दिन किया गया दान कई गुना फलदायी होता है। अक्षय तृतीया न केवल धार्मिक आस्था का पर्व है, बल्कि यह सकारात्मक शुरुआत, समृद्धि और शुभता का प्रतीक भी है#
#अक्षय तृतीया कल, पूजा-दान और खरीदारी के लिए शुभ दिन#
#अक्षय तृतीया का पावन पर्व हर वर्ष वैशाख शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। हिंदू धर्म में इस दिन का विशेष महत्व माना गया है। मान्यता है कि इस दिन किए गए पूजा-पाठ, जप-तप, दान-पुण्य और शुभ कार्यों का फल कभी समाप्त नहीं होता, इसलिए इसे अक्षय तृतीया कहा जाता है। यह पर्व विशेष रूप से माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त करने का दिन माना जाता है। श्रद्धालु इस दिन विधि-विधान से पूजा कर सुख, समृद्धि और धन-धान्य की कामना करते हैं#
#साल 2026 में अक्षय तृतीया की तिथि 19 अप्रैल सुबह 10:45 बजे शुरू होगी और 20 अप्रैल सुबह 7:49 बजे समाप्त होगी। उदया तिथि के अनुसार यह पर्व 19 अप्रैल को मनाया जाएगा। अक्षय तृतीया के दिन सोना, चांदी, भूमि, वाहन, घर और अन्य मूल्यवान वस्तुओं की खरीदारी को बेहद शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन खरीदी गई वस्तु में वृद्धि और स्थायी लाभ होता है#
#दान-पुण्य से मिलता है अक्षय फल, इस दिन अन्न, जल, वस्त्र, गौ सेवा, गरीबों की सहायता और धार्मिक कार्यों में दान देने का विशेष महत्व है। कहा जाता है कि इस दिन किया गया दान कई गुना फलदायी होता है। अक्षय तृतीया न केवल धार्मिक आस्था का पर्व है, बल्कि यह सकारात्मक शुरुआत, समृद्धि और शुभता का प्रतीक भी है#

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