#नोएडा:- प्राधिकरण- कूड़े से एनर्जी के साथ था करोड़ों का खेल#
#नोएडा:- प्राधिकरण- कूड़े से एनर्जी के साथ था करोड़ों का खेल#
#नोएडा: प्राधिकरण के अधिकारी नोएडा को कहां और कैसे कैसे बेच सकते हैं? जुलाई,2025 के एक दिन गोवा के एक पंचतारा होटल के एक कमरे में जो कुछ हुआ, उसे निराधार कहकर खारिज नहीं किया जा सकता।उस होटल में उस दिन नोएडा प्राधिकरण के कुछ अधिकारी गोवा शहर के वेस्ट टू एनर्जी सिस्टम का अध्ययन करने के बाद ठहरे हुए थे। एक अधिकारी को छोड़कर शेष अधिकारी होटल के स्विमिंग पूल में जलक्रीड़ा करने में मशगूल थे। जबकि एक अधिकारी होटल के एक कमरे में वेस्ट टू एनर्जी सिस्टम को लगाने वाली कंपनी के प्रतिनिधियों व एक पत्रकार संग गम्भीर मंत्रणा कर रहे थे। क्या इस अधिकारी को स्विमिंग पूल की मस्ती ने आकर्षित नहीं किया होगा? क्या यह अधिकारी बेहद कर्तव्यनिष्ठ था? बताया गया है कि यह अधिकारी उस कमरे में कंपनी के एजेंट से नोएडा में वेस्ट टू एनर्जी प्लांट लगवाने के बदले निजी लाभ का सौदा कर रहा था।सौदे को लेकर जितने मुंह हैं उससे अधिक बातें हैं। दावा है कि पच्चीस करोड़ रुपए और निकट संबंधी को कंपनी में हिस्सेदार बनाने की मांग की गई। यह बात झूठी भी हो सकती थी बशर्ते कोई वीडियो नहीं बनती। कंपनी का प्रस्ताव अत्यधिक महंगा होने के कारण यह योजना परवान नहीं चढ़ पाई परंतु वीडियो शासन से लेकर नोएडा तक पहुंच गया। वीडियो की सत्यता प्रमाणित होना अभी शेष है। इस बीच एक और किस्सा फिजाओं में तैर रहा है। पिछले दिनों एक उपमहाप्रबंधक अभियंता को यहां से स्थानांतरित किया गया। वह अंतर प्राधिकरण स्थानान्तरण नीति के तहत तबादला होने के बावजूद अपने प्रयासों से यहां जमा हुआ था।उसे स्थानांतरित कराने के लिए लखनऊ तक जोर आजमाईश चल रही थी। एक अपर मुख्य सचिव ने अंततः अपनी वीटो पॉवर का इस्तेमाल कर उस अभियंता का तबादला कर दिया। बताया जा रहा है कि इस वृहद कार्य को करने के लिए सत्तर लाख रुपए का लेन-देन हुआ परंतु उसका तबादला कराने के लिए स्थानीय स्तर पर अभियंताओं व ठेकेदारों से तीन करोड़ रुपए इकट्ठा किए गए। चर्चाओं को लखनऊ पहुंचने के लिए नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से पहली उड़ान की प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ती। चर्चा लखनऊ पहुंची तो अपर मुख्य सचिव को बेहद नाखुशी हुई। वेस्ट टू एनर्जी प्लांट सौदे की वीडियो और अभियंता के तबादला प्रकरण में मौसेरा संबंध बताया जा रहा है। चर्खे#
#की काण खटोले से निकालने के लिए वीडियो को ब्लू फिल्म की भांति रिलीज किया जा रहा है। यदि तबादला प्रकरण में समझौता हो गया तो वीडियो प्रकरण भी दफन हो जाएगा। चूंकि मामला शासन स्तर का है इसलिए 'यूपी की बात' को बिगड़ने से बचाने के प्रयास भी जोर शोर से किए जा रहे हैं#

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