Breaking News

#हरदोई:- क्रांति' का चोला, ज़ुबान पर समाज को गालियों की गोली: भीम आर्मी जिलाध्यक्ष करन पासी का ऑडियो बम फटा, समाज की अस्मिता तार-तार, चंदे-कमीशन के 'दलदल' में धंसा चेहरा बेनकाब#


#हरदोई:- क्रांति' का चोला, ज़ुबान पर समाज को गालियों की गोली: भीम आर्मी जिलाध्यक्ष करन पासी का ऑडियो बम फटा, समाज की अस्मिता तार-तार, चंदे-कमीशन के 'दलदल' में धंसा चेहरा बेनकाब#

#हरदोई: नीला गमछा डालकर समाज का मसीहा बनने का ढोंग करने वाले भीम आर्मी के हरदोई जिलाध्यक्ष करन पासी का घिनौना सच अब सड़कों पर नंगा हो चुका है। एक वायरल ऑडियो बम ने उस दोमुंहे चरित्र की धज्जियां उड़ा दी हैं, जो दिन में बाबासाहेब का नाम जपता है और रात में उसी समाज की माताओं-बहनों की इज्जत को अपनी ज़हरीली ज़ुबान से रौंदता है#

#हैवानियत की हद: पीड़ितों की पीठ पर छुरा, ज़ुबान से उगला ज़हर#

#कथित ऑडियो में करन पासी की ज़ुबान से निकल रहे अपशब्दों ने इंसानियत को भी शर्मसार कर दिया। जिस पीड़ित परिवार के साथ खड़े होकर ये खुद को उनका 'रक्षक' बताता है, उसी पीड़ित को मां-बहन की गंदी-गंदी गालियों से नवाज रहा है। यह 'हमदर्दी' है या 'हैवानियत'? जो मंच पर आंसू पोंछने का नाटक करे और पर्दे के पीछे उसी की अस्मिता को गालियों से लहूलुहान कर दे, वो समाज का दुश्मन नहीं तो और क्या है#

#मिशन' नहीं 'कमीशन': चंदे के नाम पर खुली लूट की दुकान#

#ऑडियो बम का दूसरा धमाका और भी खतरनाक है। इसमें भीम आर्मी के पवित्र बैनर तले चंदा वसूली और हर काम में 'कमीशन' की खुलेआम डीलिंग का काला सच सामने आया है। आरोप है कि बहुजन आंदोलन को इन्होंने अपनी 'पर्सनल एटीएम मशीन' बना डाला है। क्या बाबासाहेब ने यही सपना देखा था कि उनके नाम पर कुछ दलाल समाज को नोच-नोच कर अपनी जेबें भरें#

#2027 का 'विधायक' या समाज पर 'कलंक#

#सबसे बड़ा तमाचा यह है कि यह गालीबाज, कमीशनखोर चेहरा 2027 में 157 गोपामऊ से विधायक बनकर विधानसभा की पवित्र कुर्सी को गंदा करने का सपना देख रहा है। जो अपनी गली की माताओं-बहनों का सम्मान नहीं कर सकता, वो विधानसभा में पूरे समाज की इज्जत क्या खाक बचाएगा? गालियों और दलाली से लथपथ यह सोच अगर सदन में पहुंची तो यह पूरे बहुजन समाज के माथे पर कलंक होगा#

#अब 'थूक' दो ऐसे चेहरों पर: बहिष्कार नहीं, सामाजिक 'एनकाउंटर' करो#

#बहुत हो चुका 'मौका देने' का ढोंग। समाज को अब फैसला करना होगा। जो 'जय भीम' बोलकर 'जय जेब' का खेल खेले, जो 'संविधान' की किताब दिखाकर 'गालियों का विधान' चलाए, उसका सिर्फ बहिष्कार काफी नहीं। ऐसे चेहरों का सामाजिक एनकाउंटर करो। इनको अपने गांव-मोहल्ले, चौपाल-चौराहे से दुत्कार कर बाहर निकालो#

#2027 का चुनाव लोकतंत्र का महापर्व है, इसे गालीबाजों और चंदाखोरों की बलि वेदी मत बनने दो। याद रखो, अगर आज चूके तो कल तुम्हारी आने वाली नस्लें भी इन गालियों और दलाली की गुलाम बन जाएंगी। अब वक्त आ गया है कि जनता अपना @highlight शिवम् शर्मा#

No comments