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#हरदोई:- पिहानी- जनता बेहाल, अफसर मौन: पिहानी के रैगाई फीडर पर बिजली कटौती का तांडव, फूट रहा आक्रोश#


#हरदोई:- पिहानी- जनता बेहाल, अफसर मौन: पिहानी के रैगाई फीडर पर बिजली कटौती का तांडव, फूट रहा आक्रोश#

#हरदोई: के पिहानी पावर हाउस के अंतर्गत आने वाले रैगाई फीडर की स्थिति इस समय अत्यंत चिंताजनक और नारकीय बनी हुई है। भीषण और जानलेवा गर्मी के इस दौर में जहाँ सरकार २४ घंटे निर्बाध बिजली देने के खोखले दावे कर रही है, वहीं धरातल पर रैगाई फीडर ने सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं। यहाँ २४ घंटे में मात्र ४ घंटे भी बिजली नसीब नहीं हो पा रही है। सबसे बदतर स्थिति रात के समय होती है, जब अघोषित रूप से घंटों के लिए बत्ती गुल कर दी जाती है। इस भयंकर उमस और गर्मी में महिलाएं, दुधमुंहे बच्चे और बुजुर्ग तड़पने को मजबूर हैं, लेकिन न तो क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों के कानों पर जूं रेंग रही है और न ही बिजली विभाग के कुंभकर्णी अधिकारी जाग रहे हैं#

#लाइनमैन और अफसरों के पास बहानों की 'फैक्ट्री#

#जब भी त्रस्त उपभोक्ता बिजली न आने की शिकायत लेकर लाइनमैनों या संबंधित अधिकारियों को फोन लगाते हैं, तो उनके पास रटा-रटाया जवाब तैयार मिलता है। कभी 'पीछे से ओवरलोड' का रोना रोया जाता है, तो कभी 'लाइन में फाल्ट' का बहाना बना दिया जाता है। स्थानीय जनता का बड़ा और वाजिब सवाल यह है कि आखिर रोज-रोज और रात के समय ही सारे फाल्ट और ओवरलोड इसी रैगाई फीडर पर ही क्यों आते हैं? अन्य फीडरों की तुलना में इस क्षेत्र के साथ यह सौतेला व्यवहार क्यों किया जा रहा है#

#सूत्रों का बड़ा खुलासा: 'जेब गर्म' कर दूसरे फीडर को बेची जा रही बिजली#

#विभागीय सूत्रों और कुछ गुप्त जानकारों से मिली अंदरूनी जानकारी के मुताबिक, इस महा-कटौती के पीछे एक बड़ा और काला खेल चल रहा है। कथित तौर पर मोटी रकम और अवैध सुविधा शुल्क लेकर इस फीडर की बिजली दूसरे क्षेत्रों या रसूखदारों को डाइवर्ट की जा रही है। यही नहीं, कुछ लाइनमैन अपनी निजी जेबें गर्म करने और अवैध 'वसूली' का रास्ता साफ करने के चक्कर में बात-बात पर जानबूझकर 'शटडाउन' ले लेते हैं। इस विभागीय साठगांठ और भ्रष्टाचार का खामियाजा सीधे तौर पर आम जनता को भुगतना पड़ रहा है#

#खो रही है जनता अपना आपा, कभी भी भड़क सकता है जन-आक्रोश#

#रात भर में मुश्किल से २ घंटे और सुबह के वक्त बमुश्किल आधा घंटा बिजली देकर विभाग जनता के सब्र का इम्तिहान ले रहा है। स्थिति इतनी विकट हो चुकी है कि अब क्षेत्र के लोगों का धैर्य जवाब दे रहा है। ग्रामीणों और स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि एक-दो दिनों के भीतर इस समस्या का स्थाई समाधान नहीं हुआ और बिजली व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई, तो जनता सड़कों पर उतरने को मजबूर होगी। लोगों में पनप रहा यह आक्रोश किसी भी दिन बड़े आंदोलन या कानून-व्यवस्था की स्थिति में तब्दील हो सकता है, जिसकी पूरी जिम्मेदारी बिजली विभाग और जिला प्रशासन की होगी#

#नेताओं की चुप्पी पर उठे गंभीर सवाल#

#इस त्राहि-त्राहि के बीच जनपद के सभी छोटे-बड़े नेताओं की चुप्पी भी क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है। चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे करने वाले माननीय आज जनता को इस नरक में तड़पता छोड़ गायब हैं। जनता अब खुलकर पूछ रही है कि उनके जनसमस्याओं पर ध्यान देने वाले प्रतिनिधि आखिर कहाँ सो रहे हैं#

#बड़ा सवाल: क्या हरदोई के आला अधिकारी और ऊर्जा मंत्री के नुमाइंदे इस रैगाई फीडर पर चल रहे 'खेल' की जांच कराकर दोषी लाइनमैनों और अभियंताओं पर कार्रवाई करेंगे, या फिर जनता को यूं ही अंधेरे और गर्मी में मरने के लिए छोड़ दिया जाएगा#

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