#हरदोई:- शाहाबाद- विधानसभा सीट/ रजनी तिवारी की हैट्रिक या बब्बू खां की वापसी#
#हरदोई:- शाहाबाद- विधानसभा सीट/ रजनी तिवारी की हैट्रिक या बब्बू खां की वापसी#
#हरदोई: शाहाबाद- विधानसभा सीट प्रदेश की उन चुनिंदा सीटों में शामिल है, जहां केवल जातीय समीकरण के आधार पर चुनाव जीतना आसान नहीं माना जाता। यहां किसी एक जाति का वोट बैंक इतना प्रभावी नहीं है कि वह अकेले किसी प्रत्याशी की जीत सुनिश्चित कर सके। ऐसे में चुनावी मुकाबले में स्थानीय मुद्दे, उम्मीदवार की छवि और विभिन्न वर्गों का समर्थन निर्णायक भूमिका निभाते हैं#
#यदि विधानसभा क्षेत्र के जातीय समीकरण पर नजर डालें तो सबसे अधिक करीब 22 प्रतिशत मुस्लिम मतदाता हैं। इसके बाद लगभग 12 प्रतिशत ब्राह्मण, 11 प्रतिशत दलित, जबकि यादव और क्षत्रिय मतदाता लगभग 8-8 प्रतिशत बताए जाते हैं। इसके अलावा अन्य पिछड़ी जातियों (ओबीसी) के मतदाता भी करीब 10 से 12 प्रतिशत हैं, जिन्हें चुनाव में निर्णायक और साइलेंट वोटर माना जाता है#
#राजनीतिक दृष्टि से यह सीट इस समय बेहद दिलचस्प मुकाबले की ओर बढ़ रही है। समाजवादी पार्टी के आसिफ खान 'बब्बू' पिछला विधानसभा चुनाव भाजपा की रजनी तिवारी से हार गए थे। इसके बाद से सपा इस सीट पर वापसी की कोशिश में जुटी है और उसे उम्मीद है कि बब्बू खां इस बार मजबूत चुनौती पेश करेंगे#
#वहीं दूसरी ओर भाजपा विधायक एवं मंत्री रजनी तिवारी लगातार तीसरी जीत दर्ज कर हैट्रिक लगाने की तैयारी में हैं। भाजपा संगठन भी इस सीट को अपनी प्रतिष्ठा से जोड़कर देख रहा है#
#अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या शाहाबाद की जनता रजनी तिवारी पर एक बार फिर भरोसा जताकर उन्हें जीत की हैट्रिक दिलाएगी, या फिर आसिफ खान 'बब्बू' वापसी कर समाजवादी पार्टी का खोया हुआ किला फिर से हासिल करेंगे? इसका जवाब मतदान के दिन मतदाताओं के रुझान और चुनाव परिणाम में सामने आएगा#

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