#हरदोई:- रक्षाबंधन पर जिम्मेदारों के रहमोकरम पर खूब बिक रही संदिग्ध मिठाइयां#
#हरदोई:- रक्षाबंधन पर जिम्मेदारों के रहमोकरम पर खूब बिक रही संदिग्ध मिठाइयां#
#मिलावटी दूध, खोया और मिठाइयों की बिक्री को लेकर उठे सवाल, विभागीय निगरानी पर भी सवालिया निशान#
#हरदोई: रक्षाबंधन के पावन पर्व पर जहां भाई-बहन के प्रेम का उत्साह बाजारों में दिखाई दिया, वहीं मिठाइयों की बिक्री को लेकर कई गंभीर सवाल भी सामने आए। बेनीगंज कस्बे के मुख्य चौराहे से लेकर विभिन्न बाजारों और सड़क किनारे तक रंग-बिरंगी मिठाइयों की दर्जनों दुकानें सजी नजर आईं। आरोप है कि इस दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की निगरानी को लेकर जिम्मेदार विभागों की सक्रियता अपेक्षाकृत कम दिखाई दी#
#स्थानीय लोगों का कहना है कि त्योहार के मौके पर बड़ी मात्रा में मिठाइयों की बिक्री हुई। इनमें दूध, खोया और अन्य खाद्य सामग्री की गुणवत्ता को लेकर भी संदेह व्यक्त किया गया। लोगों का आरोप है कि मिलावटखोरी करने वालों पर प्रभावी अंकुश न होने के कारण कुछ कारोबारी आमजन के स्वास्थ्य की कीमत पर मुनाफा कमाने में जुटे रहे#
#बाजार में चीनी करीब 65 से 70 रुपये प्रति किलो और खोया करीब 350 रुपये प्रति किलो तक बताए जाने के बीच करीब 250 रुपये किलो में बिकने वाली मिठाइयों की गुणवत्ता को लेकर भी उपभोक्ताओं के बीच चर्चा रही। सवाल उठ रहा है कि इतनी कम कीमत में तैयार होने वाली मिठाई में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की गुणवत्ता आखिर कैसी है#
#रक्षाबंधन के दो दिनों के दौरान बाजार में कुंतलों मिठाई की बिक्री होने की चर्चा जारी है। ऐसे में यदि किसी खाद्य सामग्री में मिलावट हुई हो तो उसका असर सीधे आम उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य पर पड़ सकता है#
#स्थानीय जानकारों के अनुसार, बरेली और शाहजहांपुर जैसे बाहरी जनपदों से तैयार मिठाइयों की बड़ी खेप रातों-रात बेनीगंज, कोथावां और प्रतापनगर चौराहे तक पहुंचने की चर्चाएं भी सामने आईं। आरोप है कि मिठाई कारोबार से नियमित रूप से जुड़े न होने वाले कुछ लोगों ने भी त्योहार के अवसर पर अस्थायी दुकानें लगाकर मिठाइयों की बिक्री की#
#इन परिस्थितियों में सबसे बड़ा सवाल खाद्य विभाग की निगरानी व्यवस्था पर उठ रहा है। क्या त्योहार के दौरान दुकानों से मिठाइयों, दूध और खोये के पर्याप्त नमूने लिए गए? यदि नमूने लिए गए तो उनकी जांच रिपोर्ट क्या रही? और यदि कहीं मिलावट पाई गई तो संबंधित कारोबारियों पर क्या कार्रवाई की गई#
#स्थानीय नागरिकों का कहना है कि त्योहारों के समय खाद्य पदार्थों की बिक्री कई गुना बढ़ जाती है। ऐसे में खाद्य सुरक्षा विभाग की जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है। लोगों ने मांग की है कि केवल त्योहार के दिनों में औपचारिक जांच के बजाय नियमित रूप से अभियान चलाकर मिठाइयों, दूध और खोये की गुणवत्ता की जांच की जाए#
#फिलहाल विभागीय अधिकारियों की कथित निष्क्रियता को लेकर लोगों में नाराजगी और चर्चा दोनों दिखाई दे रही है। नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते मिलावट पर रोक नहीं लगाई गई तो त्योहार की मिठास कहीं लोगों की सेहत पर भारी न पड़ जाए#

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