#हरदोई:- खेरिया पंचायत में #विकास की नई तस्वीर, सड़क-रोशनी से लेकर स्कूल और गौशाला तक दिखा/ बदलाव#
#हरदोई:- खेरिया पंचायत में #विकास की नई तस्वीर, सड़क-रोशनी से लेकर स्कूल और गौशाला तक दिखा/ बदलाव#
#हरदोई: 05 साल में बदली #तस्वीर, अब Wi-Fi जोन, CCTV और लाइब्रेरी बनाने का #संकल्प#
#हरदोई: शहरों की तर्ज पर सुविधाओं से लैस गांवों की चर्चा अब सिर्फ कल्पना नहीं रह गई है। हरियावां ब्लॉक की ग्राम पंचायत खेरिया में पिछले पांच वर्षों में हुए विकास कार्यों को देखकर इसकी तस्वीर साफ दिखाई देती है। करीब 2000 की आबादी वाली इस पंचायत में सड़क, रोशनी, सफाई, शिक्षा, पेयजल और सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़े कई काम जमीन पर नजर आते हैं#
#ग्राम प्रधान दिनेश कुमार और प्रधान प्रतिनिधि आशुतोष बाजपेई 'आजाद' के संयुक्त प्रयासों से पंचायत में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर दिया गया है। गांव की लगभग सभी गलियों में इंटरलॉकिंग और आरसीसी सड़कों का निर्माण कराया गया है, जिससे ग्रामीणों का आवागमन पहले के मुकाबले बेहतर हुआ है#
#सड़क के साथ रोशनी और #सार्वजनिक सुविधाओं पर भी जोर#
#पंचायत में विकास का दायरा सिर्फ सड़कों तक सीमित नहीं है। यहां आरसीसी सेंटर, गौशाला, हाईमास्ट लाइट, सोलर लाइट और स्ट्रीट लाइट जैसी व्यवस्थाएं भी देखने को मिलती हैं। सफाई व्यवस्था और सार्वजनिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए सार्वजनिक शौचालय के साथ दिव्यांगजनों के लिए अलग शौचालय की व्यवस्था भी कराई गई है। इन व्यवस्थाओं से यह संकेत मिलता है कि पंचायत में विकास कार्यों के दौरान अलग-अलग वर्गों की जरूरतों को ध्यान में रखने की कोशिश की गई है#
#स्कूलों में टाइल्स और #बच्चों के लिए RO पानी#
#गांव के प्राथमिक और जूनियर विद्यालयों में भी सुविधाओं को बेहतर बनाने का प्रयास दिखाई देता है। स्कूल के कमरों में टाइल्स का काम कराया गया है, वहीं बच्चों के लिए RO पेयजल की व्यवस्था की गई है। किसी भी गांव के विकास का सबसे मजबूत आधार उसकी नई पीढ़ी होती है। ऐसे में बच्चों को स्वच्छ पानी, साफ-सुथरा विद्यालय और बेहतर शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराना भविष्य की दृष्टि से महत्वपूर्ण कदम माना जा सकता है#
#गांव में रोजमर्रा की जरूरतों की #सुविधाएं भी मौजूद#
#खेरिया में इंडिया मार्का हैंडपंप, स्वास्थ्य भवन, चिकित्सा सुविधा, बाजार, बैंक-एटीएम और पेट्रोल पंप जैसी सुविधाएं भी ग्रामीणों की रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने में मदद कर रही हैं। वहीं गांव की सामाजिक और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने के लिए बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर और भगवान बुद्ध की प्रतिमाओं के लिए स्थल तैयार किया जाना भी पंचायत की एक उल्लेखनीय पहल के रूप में सामने आता है#
#अब अगला लक्ष्य Wi-Fi, CCTV और #लाइब्रेरी#
#खेरिया की खास बात यह है कि विकास की तस्वीर को मौजूदा सुविधाओं तक सीमित नहीं रखा गया है। अगले कार्यकाल के लिए भी कई लक्ष्य सामने रखे गए हैं। जनता का दोबारा विश्वास मिलने पर पूरी ग्राम पंचायत को Wi-Fi Zone बनाने, पंचायत क्षेत्र को CCTV कैमरों से लैस करने और बच्चों व युवाओं के लिए आधुनिक लाइब्रेरी विकसित करने का संकल्प बताया गया है। यानी सड़क, पानी, रोशनी, सफाई, स्कूल और अन्य बुनियादी सुविधाओं के बाद अब पंचायत की सोच डिजिटल और शैक्षिक सुविधाओं की ओर बढ़ती दिखाई दे रही है#
#गांव भी बदल सकते हैं, जरूरत है सही #दिशा की#
#अक्सर विकास की तस्वीर शहरों से जोड़कर देखी जाती है और गांवों को सुविधाओं के मामले में पीछे माना जाता है। लेकिन खेरिया पंचायत की मौजूदा तस्वीर यह संदेश देती है कि सही दिशा, स्थानीय प्रयास और विकास की स्पष्ट सोच के साथ गांवों में भी बड़ा बदलाव संभव है। ग्राम प्रधान दिनेश कुमार और प्रधान प्रतिनिधि आशुतोष बाजपेई 'आजाद' के नेतृत्व में किए गए कार्यों की ग्रामीणों के बीच चर्चा है। पांच साल का कार्यकाल भले ही सीमित होता है, लेकिन इस दौरान किए गए विकास कार्यों की छाप लंबे समय तक गांव में दिखाई देती है। खेरिया गांव की यह हकीकत सिर्फ सड़क और नाली तक सीमित विकास की कहानी नहीं, बल्कि बदलती ग्रामीण सोच की तस्वीर है जहां आज बुनियादी सुविधाएं मजबूत करने के साथ कल के लिए Wi-Fi, CCTV और लाइब्रेरी जैसे लक्ष्य भी तय किए जा रहे हैं#

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