#अयोध्या:- मेरे बच्चों को भूख लगी है साहब… छत भी नहीं बची!” अयोध्या की अर्पिता पांडेय की दर्दभरी कहानी ने झकझोर दिया, वायरल वीडियो के बाद जागा प्रशासन#
#अयोध्या:- मेरे बच्चों को भूख लगी है साहब… छत भी नहीं बची!” अयोध्या की अर्पिता पांडेय की दर्दभरी कहानी ने झकझोर दिया, वायरल वीडियो के बाद जागा प्रशासन#
#अयोध्या: मैं अपने तीन छोटे बच्चों को लेकर आखिर कहां जाऊं? घर बरसात में गिर गया… अब न सिर पर छत है और न घर में खाने का इंतजाम। बच्चों की तरफ देखती हूं तो दिल बैठ जाता है#
#अयोध्या के बीकापुर तहसील के खजुरहट स्थित बरगदहिया गांव की रहने वाली अर्पिता पांडेय की जिंदगी इन दिनों इसी दर्द के बीच गुजर रही है। तीन छोटे बच्चों की जिम्मेदारी उनके कंधों पर है, लेकिन हालात ऐसे हैं कि परिवार के सामने दो वक्त के भोजन का संकट खड़ा हो गया है#
#अर्पिता बताती हैं कि उनके पति की मानसिक स्थिति ठीक नहीं रहती और वह अक्सर घर से बाहर चले जाते हैं। ऐसे में बच्चों की पूरी जिम्मेदारी उन्हीं पर आ गई है। ऊपर से बारिश ने वह आखिरी सहारा भी छीन लिया, जिसे वह अपना घर कहती थीं। कच्चा मकान गिर गया और अब वह बच्चों के साथ खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं#
#बारिश आती है तो बच्चों को लेकर डर लगने लगता है। हमारे पास ऐसा कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं है, जहां उन्हें बचा सकूं। पीने के पानी के लिए भी परेशानी है, क्योंकि आसपास कोई हैंडपंप तक नहीं है#
#अर्पिता और उनके बच्चों की बदहाली का वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुईं तो लोगों का ध्यान इस परिवार की ओर गया। वीडियो में परिवार के सामने भोजन का संकट और जर्जर मकान की स्थिति देखकर लोगों ने सरकारी योजनाओं और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े किए#
#मामला सामने आने के बाद गुरुवार को बीकापुर विधायक डॉ. अमित सिंह चौहान, एसडीएम संतोष कुमार और खंड विकास अधिकारी गणेश दत्त शुक्ला समेत कई प्रशासनिक अधिकारी गांव पहुंचे। अधिकारियों ने महिला और बच्चों की स्थिति देखी और परिवार को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया। इस दौरान गांव के कई जिम्मेदार लोग भी मौके पर मौजूद रहे#
#अर्पिता की मदद के लिए जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों ने भी आगे आने का भरोसा दिया है। नगर पंचायत अध्यक्ष राकेश पांडेय राना, समाजसेवी अमरनाथ तिवारी मानस और लवलेश समेत अन्य लोगों ने परिवार की सहायता करने का आश्वासन दिया#
#वहीं, ग्रामीणों का आरोप है कि अर्पिता गरीब और पात्र होने के बावजूद प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची में उनका नाम शामिल नहीं किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते परिवार का सर्वे कराकर आवास योजना का लाभ दे दिया जाता, तो आज एक मां को अपने बच्चों के साथ खुले आसमान के नीचे रहने की नौबत नहीं आती#
#ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत स्तर पर हुई कथित लापरवाही की जांच कराने के साथ पंचायत सचिव नरेंद्र वर्मा के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है#
#अर्पिता की कहानी अब सिर्फ एक परिवार की मजबूरी नहीं, बल्कि उन सवालों की तस्वीर बन गई है कि सरकारी योजनाओं का लाभ आखिर उस गरीब तक कब पहुंचेगा, जिसे उसकी सबसे ज्यादा जरूरत है#

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