Breaking News

#हरदोई:- सण्डीला - में दसवीं मोहर्रम को सुपुर्द ए खाक हुए ताजिये#


#हरदोई:- सण्डीला - में दसवीं मोहर्रम को सुपुर्द ए खाक हुए ताजिये#

हरदोई:- सण्डीला - सण्डीला क्षेत्र के अंतर्गत दस तारीख मोहर्रम इस्लामिक कैलेंडर के मुताबिक नए साल की शुरुआत मोहर्रम के महीने से होती है इसलिए मोहर्रम इस्लाम धर्म का पहला महीना होता है। मोहर्रम गम और मातम का महीना है जिसे इस्लाम धर्म को मानने वाले लोग मानते हैं आज मोहर्रम के दसवें दिन इमाम हुसैन की शहादत में आज छुरी का मातम मनाया गया और बीती रात आग का मातम भी मनाया गया इस्लामिक धर्म के लोगों के लिए यह महीना बहुत अहम होता है। क्योंकि इसी महीने में हजरत इमाम हुसैन की शहादत हुई थी हजरत इमाम हुसैन इस्लाम धर्म के संस्थापक हजरत मोहम्मद साहब के छोटे नवासे थे छुरी के मातम के दौरान निकाला जुलूस हजरत इमाम हुसैन की शहादत की याद में मोहर्रम के महीने के दसवें दिन को शिया समुदाय के लोग छुरी का मातम पर मनाते हैं जिसे आशूरा भी कहा जाता है। आज मोहर्रम के दसवें दिन मुस्लिम समुदाय के लोगों ने हां जी के साथ लेकर जुलूस कर्बला में ताजियों को दफन कर दिया। पुलिस की कड़ी सुरक्षा के बीच ताजियादारो ने गम जताया और आग और छुरी के मातम के साथ हुसैन को याद भी किया। मोहर्रम बनाने की यह है वजह इस्लाम धर्म की मान्यता के मुताबिक हजरत इमाम हुसैन अपने 72 साथियों के साथ मोहर्रम माह के दसवें दिन कर्बला के मैदान में शहीद हो गए थे उनकी शहादत और कुर्बानी के तौर पर इस दिन को याद किया जाता है कहा जाता है कि इराक में यजीद नाम का जालिम बादशाह था जो इंसानियत का दुश्मन था यजीद को अल्लाह पर विश्वास नहीं था यजीद चाहता था कि हजरत इमाम हुसैन भी उनके खेमे में शामिल हो जाएं हालांकि इमाम साहब को यह मंजूर न था उन्होंने बादशाह यजीद के खिलाफ जंग का ऐलान कर दिया इस इस जंग में वह अपने बेटे घरवालों और दूसरे साथियों के साथ शहीद हो गए दरगाह की तर्ज पर बनती है ताजिया मोहर्रम के दसवें दिन यानी आशूरा के दिन ताजियादारी की जाती है इमाम हुसैन की इराक में दरगाह है जिसकी हूबहू नकल कर ताजिये बनाए जाते हैं शिया उलेमा के मुताबिक, मोहर्रम का चांद निकलने के बाद पहली तारीख को ताजिया रखा जाता है इस दिन लोग इमाम हुसैन की शहादत की याद में ताजिया और आग का मातम करते है व जुलूस निकालते हैं। कर्बला में हुआ जुलूस का समापन दरगाह हजरत मीरा मूईजूद्दीन में भी गरीब नवाज़ फाउंडेशन की ओर से शफी अहमद साबरी की अध्यक्षता में मजलिस का आयोजन हुआ जिसमे तहरीक परचम ए महोम्मदी के अध्यक्ष फरीदउद्दीनअहमद शामिल रहे। कल्लू चौधरी इम्माम चौक से चौधरी दाएम अली कल्लू चौधरी के चार सौ साल कदीमी ताजिया व मुल्लन टोला से सुन्नी समुदाय के ताजिये के जुलुस निकले जो की नगर के मुख्य मार्ग से होते हुए महेतवाना से छोटे चौराहा होते हुऐ रात दों बजे क़र्बला पहुंचेगा। जुलुस कों देखने कों हजारों की भीड़ जमा हई। हजारों का हुजूम संभालने के लिये प्रशासन की कडी सुरक्षा भी देखने कों मिली एस डी ऍम सण्डीला देवेंद्र पाल सिंह, बघौली सी ओ, सण्डीला कोतवाल दिलेश कुमार सिंह,कस्बा चौकी इंचार्ज बालेंद्र मिश्रा और हल्का इंस्पेटर महमूद आलम,व पीएसी बल मौजूद रहा#

खोज जारी है.24×7 न्यूज चैनल/ हिन्दी दैनिक समाचार पत्र की खास रिपोर्ट...

No comments