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#हरदोई:- पिहानी- बिगड़े संबंधों को सही करने के लिए आज से ही करें सहज समाधि ध्यान:-कुशी बाजपेई#


#हरदोई:- पिहानी- बिगड़े संबंधों को सही करने के लिए आज से ही करें सहज समाधि ध्यान:-कुशी बाजपेई#

#हरदोई: पिहानी- आर्ट ऑफ लिविंग के तीन दिवसीय सहज समाधि कोर्स का शुक्रवार को विकासखंड की सभागार में  समापन हुआ। आयोजक कुशी वाजपेई ने अपने संबोधन कहा कि सहज शब्द की उत्पत्ति संस्कृत भाषा से हुई है , जिसका अर्थ है ‘प्राकृतिक’ या जो बिना किसी प्रयास के किया जाए’। समाधि एक गहरी, आनंदमयी और ध्यान की अवस्था है। यानि सहज समाधि ध्यान का तात्पर्य है कि एक ऐसी प्रक्रिया जिसमें हम आसानी से ध्यान कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि सहज समाधि ध्यान से वास्तविक विश्राम की अनुभूति होती है। हम सभी के जिदंगी में ऐसे कई क्षण होते हैं , जब हमारा मन शांत और दुनियादारी के सारे बोझों से दूर होता है। लेकिन कई बार हमारी चाहत होती है कि  हम उन क्षणों को दोबारा अनुभव कर पाते। सहज समाधि ध्यान इन्ही क्षणों की अनुभूति करना सिखाता है। एक ध्यान करने के एक प्रक्रिया है , जिसे करने के तुरंत बाद ही हमारा शरीर तनाव और परेशानियों से कोसो दूर हो जाता है और मन को असीम शांति का अनुभव प्राप्त होता है#

#आर्ट ऑफ लिविंग के शिक्षक प्रदीप पाठक ने कहा कि सहज समाधि ध्यान एक मंत्र ध्यान है। इसमें एक सरल ध्वनि मंत्र सिखाया जाता है , जिसका मन में उच्चारण करने से मन को शांति व स्थिरता प्राप्त होती है। जब हमारा मन और तंत्रिका तंत्र गहरा ध्यान करके विश्राम की स्थिति में होता है , तब हमारा मन प्रफुल्लित होने लगता है। इसके हमारे मानसिक विकास का द्वार खुलने लगता है#

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