Breaking News

#हरदोई:- नई शिक्षा नीति के दावों की खुली पोल: कमलापुर प्राथमिक विद्यालय में एक कमरे में पढ़ने को मजबूर नौनिहाल, नई बिल्डिंग का इंतजार खत्म नहीं#


#हरदोई:- नई शिक्षा नीति के दावों की खुली पोल: कमलापुर प्राथमिक विद्यालय में एक कमरे में पढ़ने को मजबूर नौनिहाल, नई बिल्डिंग का इंतजार खत्म नहीं#

#हरदोई: प्रदेश सरकार नई शिक्षा नीति के तहत प्राथमिक शिक्षा को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और मॉडल स्वरूप देने के बड़े-बड़े दावे कर रही है। करोड़ों रुपये खर्च कर विद्यालयों का कायाकल्प, स्मार्ट क्लास, बेहतर आधारभूत सुविधाएं और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने की बात कही जा रही है। लेकिन जनपद हरदोई के विकासखंड कोथावां अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय कमलापुर की जमीनी हकीकत इन दावों की सच्चाई बयां कर रही है#

#स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार विद्यालय के दो कक्ष जर्जर होने के कारण बीते वर्ष कंडम घोषित कर ध्वस्त कर दिए गए थे। इसके बाद नई बिल्डिंग निर्माण का आश्वासन तो मिला, लेकिन आज तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका। परिणामस्वरूप विद्यालय में अध्ययनरत सभी छात्र-छात्राओं को एक ही कमरे में बैठकर पढ़ाई करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इससे न केवल शिक्षण व्यवस्था प्रभावित हो रही है, बल्कि बच्चों का शैक्षिक स्तर भी प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है#

#स्थिति यह है कि विद्यालय परिसर में हल्की बारिश होते ही जलभराव हो जाता है। बच्चों को विद्यालय आने-जाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। विद्यालय के मुख्य द्वार पर गंदगी का अंबार लगा रहता है, जिससे स्वच्छ विद्यालय और स्वस्थ वातावरण की सरकारी योजनाएं भी सवालों के घेरे में हैं#

#ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय के शिक्षकों ने कई बार विभागीय अधिकारियों को नई बिल्डिंग निर्माण के संबंध में अवगत कराया, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। महीनों बीत गए, फिर भी निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ। इससे साफ प्रतीत होता है कि शिक्षा विभाग की कार्यशैली और प्रशासनिक शिथिलता के कारण मासूम बच्चों का भविष्य प्रभावित हो रहा है#

#स्थानीय लोगों का कहना है कि जब सरकार शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात करती है, तब एक प्राथमिक विद्यालय में बच्चों के सिर पर पर्याप्त छत तक उपलब्ध न होना बेहद चिंताजनक है। करोड़ों रुपये की योजनाओं के बीच कमलापुर विद्यालय की यह तस्वीर सरकारी दावों की पोल खोलने के लिए पर्याप्त है#

#ग्रामीणों ने मांग की है कि विद्यालय की नई बिल्डिंग का निर्माण शीघ्र शुरू कराया जाए, परिसर में जलनिकासी की समुचित व्यवस्था की जाए तथा मुख्य द्वार और आसपास फैली गंदगी को तत्काल साफ कराया जाए, ताकि बच्चों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षिक वातावरण मिल सके#

#अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर कब तक कमलापुर के नौनिहाल एक कमरे में ठूंस-ठूंस कर पढ़ाई करने को मजबूर रहेंगे? नई शिक्षा नीति और 'स्कूलों के कायाकल्प' के सरकारी दावों का वास्तविक लाभ इन बच्चों तक कब पहुंचेगा? यदि समय रहते जिम्मेदार अधिकारियों ने गंभीरता नहीं दिखाई तो शिक्षा व्यवस्था को लेकर किए जा रहे दावे केवल कागजों तक सीमित रह जाएंगे#

No comments