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#अयोध्या:- रामजन्म भूमि मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में यह शिकायत देखिये/ पढ़िए और जानिए समझिए गोपाल जी को#


#अयोध्या:- रामजन्म भूमि मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में यह शिकायत देखिये/ पढ़िए और जानिए समझिए गोपाल जी को#

#प्रेषक#

#दीपक पुत्र दिगंबर राव पाटिल#

#निवासी – ग्राम चंदोरी, तहसील औराद (बी)#

#जिला – बीदर – 585443, कर्नाटक#

#मोबाइल : 9341118282#

#ई-मेल : deppakpatil28@gmail.com#

#प्रति, श्री विजय विश्वास पंत, आई.ए.एस#

#मंडलायुक्त, लखनऊ मंडल#

#विशेष जांच दल – एसआईटी के अध्यक्ष#

#श्री एस. किरण, आई.पी.एस#

#पुलिस महानिरीक्षक#

#उत्तर प्रदेश शासन#

#श्री नील रतन#

#विशेष सचिव (वित्त#

#उत्तर प्रदेश शासन#

#महोदयगण#

#विषय: आरएसएस के प्रमुख पदाधिकारी श्री गोपालजी एवं कर्नाटक राज्य के बीदर जिले की औराद विधानसभा के वर्तमान भाजपा विधायक श्री प्रभु चव्हाण के विरुद्ध शिकायत। आरोप है कि इन दोनों ने अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण हेतु औराद तालुका के ठेकेदारों से बड़ी मात्रा में कथित रूप से अविवरणित (Unaccounted) दान राशि एकत्र की। इसके पश्चात श्री प्रभु चव्हाण तथा श्री सतीश नवबाडे, जो श्री गोपालजी के निकट सहयोगी बताए जाते हैं, की संपत्ति एवं धन-संपदा में अत्यधिक वृद्धि हुई। इस कारण यह आशंका व्यक्त की जाती है कि श्रीराम मंदिर की कथित रूप से गबन अथवा दुरुपयोग की गई दान राशि का धन-प्रवाह (Money Trail) इन व्यक्तियों तक पहुंचा हो सकता है। अतः इस संबंध में विस्तृत जांच कर धन-प्रवाह का पता लगाने हेतु प्रार्थना#

#महोदय#

#मैं, दीपक पुत्र दिगंबर राव पाटिल, सामाजिक कार्यकर्ता एवं सूचना का अधिकार (आरटीआई) कार्यकर्ता, निवासी ग्राम चंदोरी, तहसील औराद (बी), जिला बीदर, कर्नाटक, आपके समक्ष यह शिकायत प्रस्तुत कर रहा हूँ ताकि उपर्युक्त आरोपों के संबंध में संज्ञान लेकर धन-प्रवाह (Money Trail) की जांच की जा सके#

#महोदय, मैं जन्म से हिन्दू हूँ तथा भगवान श्रीराम का भक्त हूँ। मैं एक सामाजिक कार्यकर्ता एवं आरटीआई कार्यकर्ता हूँ तथा पिछले कई वर्षों से बीदर जिले में विभिन्न घोटालों एवं राजनीतिक व्यक्तियों से संबंधित मामलों को उजागर करने का कार्य करता रहा हूँ, चाहे वे किसी भी राजनीतिक दल से संबंधित रहे हों#

#पिछले कई वर्षों से मैं औराद विधानसभा के वर्तमान भाजपा विधायक श्री प्रभु चव्हाण की गतिविधियों पर निकट दृष्टि रखे हुए हूँ। मेरे संज्ञान में यह बात आई कि जब से उन्होंने आरएसएस के प्रमुख पदाधिकारी श्री गोपालजी के साथ मिलकर अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण हेतु धन संग्रह (दान) अभियान चलाया, तभी से उनकी संपत्ति एवं धन-संपदा में अत्यधिक और निरंतर वृद्धि होने लगी#

#मुझे जानकारी प्राप्त हुई कि इन दोनों व्यक्तियों ने औराद तालुका के ठेकेदारों से प्रत्येक ठेकेदार से न्यूनतम ₹5 लाख अथवा उससे अधिक राशि दान के रूप में एकत्र की, जो बीदर जिले में सर्वाधिक बताई जाती है। शिकायत के अनुसार यह दान राशि कथित रूप से अविवरणित थी तथा उनके नाम से बैंकर चेकों के माध्यम से प्राप्त की गई। बाद में सार्वजनिक अभिलेखों में कथित रूप से कम राशि प्रदर्शित की गई। शिकायत के अनुसार इस विषय पर प्रश्न उठाने वाले लोगों को "हिन्दू विरोधी" कहकर बदनाम किया गया, जिसके कारण कोई खुलकर इस विषय में प्रश्न नहीं उठा सका#

#जब अयोध्या श्रीराम मंदिर की दान राशि के कथित वित्तीय दुरुपयोग एवं गबन से संबंधित समाचार सार्वजनिक हुए, तब मैंने इन व्यक्तियों की कथित बेनामी अचल संपत्तियों के संबंध में जानकारी एकत्र करना प्रारंभ किया। इस दौरान मुझे यह जानकारी प्राप्त हुई कि श्री गोपालजी, विधायक श्री प्रभु चव्हाण तथा उनके निकट सहयोगी श्री सतीश नवबाडे, जो "आदित्य डेवलपर्स" नामक रियल एस्टेट व्यवसाय से जुड़े बताए जाते हैं, ने अपने रिश्तेदारों के नाम पर बड़ी मात्रा में कृषि भूमि एवं अन्य अचल संपत्तियां अर्जित की हैं#

#मेरे संज्ञान में यह भी आया कि इन व्यक्तियों द्वारा 100 एकड़ से अधिक कृषि भूमि कथित रूप से बेनामी रूप में अपने रिश्तेदारों के नाम पर खरीदी गई। विशेष रूप से यह आरोप है कि विधायक श्री प्रभु चव्हाण ने अपने रिश्तेदारों के नाम पर अनेक भूमि संपत्तियां अर्जित की हैं। यह भी जानकारी प्राप्त हुई कि श्री सतीश नवबाडे "आदित्य डेवलपर्स" के माध्यम से कथित रूप से इन व्यक्तियों के लिए रियल एस्टेट का कार्य संचालित करते हैं#

#मेरे द्वारा एकत्रित जानकारी के अनुसार इन संपत्तियों की खरीदारी कथित रूप से श्रीराम मंदिर निर्माण हेतु दान संग्रह के पश्चात तथा मंदिर के उद्घाटन के बाद तेजी से हुई। साथ ही यह भी देखा गया कि विधायक श्री प्रभु चव्हाण ने महाराष्ट्र एवं कर्नाटक के विभिन्न जिलों में बाजार मूल्य से अधिक कीमत देकर लगातार कृषि भूमि खरीदना प्रारंभ किया। इससे आमजन में यह संदेह उत्पन्न हुआ कि इतनी बड़ी मात्रा में निवेश हेतु धन का स्रोत क्या था। यह भी जानकारी है कि उनके महाराष्ट्र राज्य के आरएसएस कार्यकर्ताओं से निकट संबंध रहे हैं#

#उपरोक्त तथ्यों एवं परिस्थितियों के आधार पर यह आशंका व्यक्त की जाती है कि यदि अयोध्या श्रीराम मंदिर की दान राशि का कहीं गबन अथवा दुरुपयोग हुआ है, तो उसका कुछ भाग कथित रूप से श्री प्रभु चव्हाण एवं श्री सतीश नवबाडे तक पहुंचा हो सकता है, जिन्होंने अल्प अवधि में महाराष्ट्र एवं कर्नाटक के विभिन्न स्थानों पर बड़ी मात्रा में अचल संपत्तियां अर्जित की हैं। अतः इस दृष्टिकोण से भी विस्तृत जांच कर वास्तविक धन-प्रवाह (Money Trail) का पता लगाया जाना आवश्यक है#

#महोदय, यदि विशेष जांच दल (एसआईटी) आवश्यक समझे तो मैं संबंधित संपत्तियों एवं अन्य उपलब्ध दस्तावेजों का विवरण प्रस्तुत करने के लिए तैयार हूँ#

#अतः आपसे विनम्र प्रार्थना है कि मेरी शिकायत पर तत्काल संज्ञान लेकर उपर्युक्त आरोपों की निष्पक्ष एवं गहन जांच कराई जाए, कथित रूप से गबन अथवा दुरुपयोग की गई दान राशि के धन-प्रवाह का पता लगाया जाए तथा सत्य का अनावरण करते हुए यदि कोई अनियमितता पाई जाती है तो दोषियों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाए। इससे भगवान श्रीराम के करोड़ों श्रद्धालुओं का विश्वास और अधिक सुदृढ़ होगा#

#मुझे पूर्ण विश्वास है कि माननीय विशेष जांच दल इस शिकायत का संज्ञान लेकर प्रचलित जांच के दौरान इन आरोपों की निष्पक्ष जांच कराएगा#

#भवदीय#

#दीपक पुत्र दिगंबर राव पाटिल#

#सामाजिक कार्यकर्ता एवं आरटीआई कार्यकर्ता#

#ग्राम – चंदोरी, तहसील – औराद (बी)#

#जिला – बीदर – 585443, कर्नाटक#

#मोबाइल : 9341118282#

#ई-मेल : deppakpatil28@gmail.com#

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